नई दिल्ली, 06 मई
इंस्टाग्राम के माध्यम से जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर एक युवक से एक लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपितों ने उसे तीन लाख रुपये देने का झांसा दिया, लेकिन पैसे लेने के बाद उसे बच्चों के खेलने वाले नकली नोटों से भरा पैकेट थमा दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी ने बुधवार को बताया कि पीड़ित 21 वर्षीय युवक बुराड़ी का रहने वाला है और टूर एंड ट्रैवल का काम करता है। कुछ समय पहले उसकी इंस्टाग्राम पर जितेंद्र नामक युवक से बातचीत शुरू हुई थी, जिसने खुद को बैंक के रिजेक्टेड नोटों से जुड़े सौदे का जानकार बताया।
आरोपित ने युवक को यह लालच दिया कि एक लाख रुपये देने पर उसे तीन लाख रुपये के नोट मिलेंगे। इस झांसे में आकर पीड़ित सौदे के लिए तैयार हो गया।
चार मई को पीड़ित महिपालपुर पहुंचा और पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये आरोपितों को दे दिए। इसके बाद आरोपितों ने दोबारा संपर्क कर जितेंद्र की मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाते हुए और 50 हजार रुपये की मांग कर दी। भरोसे में आकर पीड़ित ने दूसरी राशि देने के लिए भी सहमति दे दी।
इसके बाद आरोपितों ने पीड़ित को सिंघु बॉर्डर के पास नरेला बुलाया, जहां उसने शेष रकम भी सौंप दी। इसके बदले आरोपितों ने उसे एक सीलबंद पैकेट दिया और मौके से फरार हो गए।
जब पीड़ित ने पैकेट खोला तो उसमें असली नोटों की जगह करीब 600 बच्चों के खेलने वाले नकली नोट मिले। ठगी का एहसास होते ही उसने आरोपितों का पीछा किया, इस दौरान दोनों पक्षों की गाड़ियों में टक्कर भी हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर नरेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान राजस्थान निवासी 25 वर्षीय जितेंद्र और हरियाणा के भिवानी निवासी 25 वर्षीय संदीप के रूप में हुई है।
पुलिस ने उनके पास से 50 हजार रुपये नकद, करीब 600 नकली खिलौना नोट, 1.32 लाख रुपये से भरा बैग और वारदात में इस्तेमाल वर्ना कार बरामद की है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपितों ने इसी तरह और कितने लोगों को ठगा है तथा क्या इनके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।








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