जयपुर, 06 मई
पुलिस कमिश्नरेट जयपुर (पश्चिम) द्वारा चलाए जा रहे ‘म्यूल हंटर अभियान’ के तहत साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 5 आरोपितों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत हिरासत में लिया गया है।
यह कार्रवाई चित्रकूट, हरमाड़ा, चौमूं, दौलतपुरा, करधनी, कालवाड़, झोटवाड़ा, करणी विहार और बगरू थाना क्षेत्रों में एक साथ की गई।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार गुप्ता के सुपरविजन में साइबर सेल टीम ने यह अभियान संचालित किया। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी बैंक खातों यानी म्यूल अकाउंट्स के जरिए साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में शामिल लोगों पर कार्रवाई करना था।
उन्होंने बताया कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े लगभग 3 करोड़ 90 लाख रुपये संदिग्ध खातों में होल्ड करवाए। वहीं पीड़ितों को राहत देते हुए करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये वापस कराए गए।
मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी सहायता के माध्यम से 212 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये है। इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिया गया।
जांच में अब तक 50 से अधिक म्यूल अकाउंट सामने आए हैं, जिनके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 125 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। इन खातों में 35 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि के संकेत मिले हैं।
अभियान के तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कई साइबर ठगी गिरोहों का पर्दाफाश किया गया है।
चित्रकूट और बगरू थाना क्षेत्रों में ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले संगठित गिरोह को पकड़ा गया, जिसमें 7 आरोपित गिरफ्तार हुए। ये लोग सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को लुभाकर सट्टे में शामिल कर रहे थे।
कालवाड़ और करणी विहार क्षेत्रों में फर्जी बैंक खातों के जरिए ठगी करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। हरमाड़ा और दौलतपुरा में फर्जी ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए लोगों से पैसे ऐंठने वाले गिरोह को पकड़ा गया।
चौमूं और करधनी क्षेत्र में ई-मित्र एजेंसी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपित गिरफ्तार किए गए, जो बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रहे थे।
झोटवाड़ा क्षेत्र में एस्कॉर्ट सर्विस और बॉडी मसाज के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भी खुलासा हुआ।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 4 लैपटॉप, 50 मोबाइल फोन, 51 सिम कार्ड, 26 एटीएम कार्ड, 3 क्रेडिट कार्ड, 15 पासबुक, 5 चेकबुक, 1 कार, 2 बाइक और करीब 1.38 लाख रुपये नकद सहित अन्य सामान जब्त किया है।
साइबर जागरूकता अभियान के तहत मार्च-अप्रैल में 5 स्कूल-कॉलेजों में 3500 से अधिक लोगों को जागरूक भी किया गया।
पुलिस का यह अभियान साइबर अपराध पर बड़ी रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।








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