कोलकाता, 29 अप्रैल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत आज सात जिलों की 142 सीटों पर सुबह सात बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी। इस चरण के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मौसम विभाग ने मतदान वाले सभी क्षेत्रों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है, इसके बावजूद निर्वाचन आयोग को उम्मीद है कि मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज होगी और नया कीर्तिमान स्थापित हो सकता है। इससे पहले 23 अप्रैल को पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर शांतिपूर्ण माहौल में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जिनमें अधिकतर क्षेत्र उत्तर बंगाल के थे।
इस चरण में दक्षिण बंगाल के सात जिलों—कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली, नदिया और पूर्व बर्धमान—में मतदान कराया जाएगा। आयोग के अनुसार इन इलाकों में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। केंद्रीय बलों की 2,231 कंपनियों के रूप में दो लाख से अधिक जवान तैनात किए गए हैं, साथ ही लगभग 40 हजार पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर रहेंगे। कोलकाता में सर्वाधिक 273 कंपनियों की तैनाती की गई है।
पहले चरण में मतदान केंद्रों के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, अब अंतिम चरण में सुरक्षा को और मजबूत करते हुए मतदान केंद्रों तक जाने वाले मार्गों पर भी निगरानी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी। पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या 84 से बढ़ाकर 95 कर दी गई है। इस चरण में कोलकाता की भवानीपुर सीट पर विशेष ध्यान रहेगा, जहां मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के सामने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी चुनौती पेश कर रहे हैं। अधिकारी नंदीग्राम सीट से भी चुनाव मैदान में हैं, जहां पहले चरण में मतदान संपन्न हो चुका है।
दूसरे और अंतिम चरण में कुल 1,448 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें फिरहाद हकीम, अरूप बिश्वास, जावेद खान, सुजीत बसु, शशि पांजा जैसे कई मंत्री शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार, वाम दल की नेता मीनाक्षी मुखर्जी और दीप्शिता धर भी चुनावी मुकाबले में हैं। आरजी कर अस्पताल से जुड़े चर्चित मामले में पीड़ित डॉक्टर की मां और संदेशखाली आंदोलन से जुड़ी रेखा पात्र भी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं।






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