रांची, 08 अप्रैल।
झारखंड के चर्चित टेंडर कमीशन घोटाले में महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ आया है। इस प्रकरण के चार्जशीटेड आरोपित राजीव लोचन और अनिल कुमार ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने दोनों को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है और शर्त रखी है कि सभी सुनवाईयों में उनकी उपस्थिति अनिवार्य होगी।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 14 आरोपितों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने समन जारी किया। अब तक इस मामले में पांच आरोपित अदालत में आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
जांच 2023 में शुरू हुई थी, जब अभियंताओं और ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इसके बाद 6 मई 2024 को दूसरी कार्रवाई में विभिन्न ठिकानों पर फिर छापे मारे गए। जांच के दौरान बड़ी नकदी बरामद हुई, जिसमें पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल के नौकर के पास से 32 करोड़ रुपये से अधिक, ठेकेदार मुन्ना सिंह के पास से 2.93 करोड़ रुपये और राजीव सिंह के पास से 2.14 करोड़ रुपये मिले।
इस बड़ी रकम की बरामदगी के बाद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम भी जांच के दायरे में आए। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।







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