चंडीगढ़, 06 जुलाई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि अंबाला में 85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए साइंस सेंटर का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जाएगा। इसके साथ ही निर्माणाधीन शहीद स्मारक के निकट उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा अंबाला में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 125 स्मरण पक्ष कार्यक्रम के दौरान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और सिद्धांतों का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को उनके विचारों, आदर्शों और जीवन मूल्यों से प्रेरित करने का माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष से जुलाई 2027 तक उनका दो वर्षीय जयंती समारोह मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपना जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी विचारधारा को विभिन्न नीतियों और निर्णयों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।
नड्डा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना कर देश को वैचारिक विकल्प दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू करने, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, रक्षा विनिर्माण, सेमीकंडक्टर निर्माण और नई शिक्षा नीति जैसे कदम उनके राष्ट्रवादी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने वाले निर्णय हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और आत्मनिर्भरता के विचार को मजबूत आधार दिया। उन्होंने उनके सार्वजनिक जीवन और योगदान को याद करते हुए कहा कि वे कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नेता थे।

















