किंशासा, 17 जुलाई।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने पूर्वी लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआरसी) में हिंसा और अस्थिरता को बढ़ावा देने वाले कई सशस्त्र गुटों के नेताओं एवं संगठनों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। प्रतिबंधों की जद में रवांडा समर्थित माने जाने वाले एएफसी/एम23 विद्रोही गठबंधन और एफडीएलआर के वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं।
कांगो पर लागू हथियार प्रतिबंध की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समिति ने छह व्यक्तियों और दो संस्थाओं को प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है। इन पर क्षेत्र में हिंसा, सशस्त्र संघर्ष और अस्थिरता को बढ़ावा देने का आरोप है।
प्रतिबंधित किए गए प्रमुख लोगों में एएफसी गठबंधन के प्रमुख कॉर्नेल नंगाआ, एम23 के खुफिया प्रमुख जॉन इमानी नजेंजे और एफडीएलआर कमांडर गुस्तावे कुबवायो शामिल हैं। इससे पहले अमेरिका भी नजेंजे और कुबवायो पर प्रतिबंध लगा चुका है और उन पर शांति प्रयासों के बावजूद संघर्ष को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।
संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के तहत संबंधित व्यक्तियों और संगठनों पर हथियार प्रतिबंध, अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर रोक तथा उनकी संपत्तियों को फ्रीज करने जैसी कार्रवाई लागू होगी।
पूर्वी कांगो में संघर्ष की जड़ें वर्ष 1994 के रवांडा नरसंहार के बाद उत्पन्न परिस्थितियों से जुड़ी हैं। पिछले वर्ष एएफसी/एम23 विद्रोही समूह द्वारा पूर्वी कांगो के बड़े हिस्सों पर कब्जा किए जाने के बाद संघर्ष और तेज हो गया। संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों का आरोप है कि इस विद्रोही समूह को रवांडा का समर्थन प्राप्त है, हालांकि रवांडा इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इन नए प्रतिबंधों का उद्देश्य सशस्त्र समूहों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना और क्षेत्र में शांति बहाल करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूती देना है।














