नई दिल्ली, 17 जुलाई।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले परिसीमन और महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का रुख पहले भी सामने आ चुका है और आगामी सत्र में उसका रवैया एक बार फिर देश के सामने स्पष्ट होगा।
शेखावत ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बढ़ती आबादी के कारण लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संविधान में परिसीमन की स्पष्ट व्यवस्था की गई है और वर्ष 2008 में लागू परिसीमन व्यवस्था के अनुसार वर्ष 2025 के बाद पुनः परिसीमन का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं की केवल भागीदारी ही नहीं, बल्कि उनके सशक्त नेतृत्व को भी सुनिश्चित करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से महिला आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिसीमन को आवश्यक बताया।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले संसद सत्र में इस विषय पर विपक्ष का रुख सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय होने के बाद विधेयक को सदन में लाया जाएगा।
शेखावत ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने रेलवे क्षेत्र में हो रहे आधुनिकीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में लगभग 1,500 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिस पर 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कार्य चल रहा है।














