नई दिल्ली, 17 जुलाई।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत देशभर में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिल रही है। योजना के आदर्श ग्राम घटक के अंतर्गत अब तक 16,759 गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा चुका है, जिससे 47.59 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदायों के लिए गरीबी में कमी लाना, स्थायी आजीविका के अवसर बढ़ाना, बुनियादी सुविधाओं का विकास करना और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है। इसके लिए तकनीक आधारित और परिणामोन्मुखी व्यवस्था अपनाई गई है।
मंत्रालय के अनुसार देश के 47,316 अनुसूचित जाति बहुल गांवों को योजना के दायरे में शामिल किया गया है। अब तक 46,782 से अधिक विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 24,133 ग्राम विकास योजनाएं तैयार की गई हैं।
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में तीन नए छात्रावासों के निर्माण के लिए 22.50 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इनमें दो छात्रावास छात्राओं के लिए होंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 750 विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी।
योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए मंत्रालय ने पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किए हैं। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राम विकास योजनाओं की तैयारी, परियोजनाओं की निगरानी, फंड ट्रैकिंग, लाभार्थियों का प्रबंधन और जियो-टैग्ड रिपोर्टिंग जैसी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन संचालित किया जा रहा है।














