अशोकनगर, 17 जुलाई।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अशोकनगर जिले के समग्र विकास को गति देने के लिए विभिन्न विभागों की 21 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को विकास एजेंडे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल, खेल, नगरीय विकास और औद्योगिक क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में सिंधिया ने बताया कि प्रमुख परियोजनाओं में अमृत 2.0 के तहत शहरी जल वितरण योजना, ट्रांसपोर्ट नगर, चंदेरी माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट, मल्हारगढ़ सिंचाई योजना, गीता भवन ऑडिटोरियम, चंदेरी अस्पताल, कुरवाई-मुंगावली-चंदेरी राष्ट्रीय राजमार्ग, मल्टीपरपज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अशोकनगर बायपास और नए मेडिकल कॉलेज सहित कई विकास कार्य शामिल हैं। दूसरे चरण में राजघाट जल प्रदाय योजना, जिला अस्पताल उन्नयन, सड़क परियोजनाओं और शहरी सौंदर्यीकरण जैसे कार्य भी प्रस्तावित हैं।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से जिले में बेहतर सड़क संपर्क, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, पेयजल व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना का विकास तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
सिंधिया ने बताया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कई मामलों का 24 घंटे के भीतर समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को "आपकी सेवा ही हमारा धर्म है" की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। इसके लिए डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था भी विकसित की गई है, जिससे प्रत्येक आवेदन की प्रगति पर नजर रखी जा रही है।
इससे पहले उन्होंने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जिले में संचालित लगभग 5,200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को सभी कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों की निगरानी के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की संयुक्त टीम गठित करने की बात भी कही।
बैठक में अमृत 2.0 के तहत शहरी जल वितरण योजना और 558 करोड़ रुपये की लागत वाली चंदेरी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को परियोजना की टेस्टिंग और कमिशनिंग शीघ्र पूरी कर लोकार्पण कराने के निर्देश दिए गए। इस योजना से चंदेरी, मुंगावली और पिपरई क्षेत्र के 121 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे तथा लगभग 28 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी।
बाद में तुलसी सरोवर के समीप आयोजित प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के हितग्राहियों से संवाद कार्यक्रम में सिंधिया ने कहा कि भारत का स्वर्णिम भविष्य छोटे उद्यमियों और स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के हाथों में है। उन्होंने कहा कि इन हितग्राहियों की मेहनत और आत्मनिर्भरता देश के विकास की आधारशिला है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत चयनित चार हितग्राहियों को 50-50 हजार रुपये के ऋण स्वीकृति चेक भी वितरित किए तथा उनसे उनके व्यवसाय और योजना से मिले लाभ के बारे में जानकारी ली।













