नई दिल्ली, 28 जुलाई।
दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए नरेला में चल रहे नकली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। दो दिनों तक चले प्रवर्तन अभियान में एक रिहायशी अपार्टमेंट से अवैध रूप से दवाओं के निर्माण और भंडारण का खुलासा हुआ। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध दवाएं, एनाबॉलिक स्टेरॉयड, रॉ मटेरियल, पैकेजिंग सामग्री और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी। जांच टीम ने पहले दिन अपार्टमेंट के भीतर बिना लाइसेंस संचालित हो रही निर्माण और पैकेजिंग इकाई का पता लगाया। मौके से सीलिंग मशीनें, सील क्रिम्पिंग उपकरण, हीट गन, इलेक्ट्रिक स्टिरर, डिजिटल वजन मशीन, इंडस्ट्रियल फिल्टर पेपर, ग्लास बीकर, रबर क्लोजर और फ्लिप-ऑफ कैप बरामद किए गए।
टीम ने बड़ी संख्या में बिना लेबल वाली गोलियां, जिनके टोफैसिटिनिब होने की आशंका है, विभिन्न प्रकार के एनाबॉलिक स्टेरॉयड की शीशियां तथा दवा निर्माण में उपयोग होने वाले रासायनिक घोल भी जब्त किए। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने अधिकारियों को बताया कि अपार्टमेंट एलोपैथिक दवाओं के भंडारण और पैकेजिंग के लिए किराये पर लिया गया था। उसने दावा किया कि यह काम अन्य लोग कर रहे थे, जिनका संबंध कथित रूप से सोनीपत स्थित एक निर्माण इकाई से है। हालांकि, जांच के दौरान कोई वैध ड्रग लाइसेंस, खरीद रिकॉर्ड या स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
जांच में मिले नए सुरागों के आधार पर अधिकारियों ने दूसरे दिन फिर से परिसर की तलाशी ली। इस दौरान इमारत के कॉमन यूटिलिटी शाफ्ट में छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में अतिरिक्त सामग्री बरामद हुई। इसमें प्रोजेस्टेरोन, ऑक्सैंड्रोलोन, मेस्टेरोलोन, ट्रेंबोलोन एनंथेट जैसे स्टेरॉयड हार्मोन पाउडर, 1,500 से अधिक तैयार स्टेरॉयड इंजेक्शन वायल, 5,000 से अधिक गोलियां, 5,000 से अधिक खाली शीशियां, करीब 2,500 पैकेजिंग बॉक्स, हजारों फ्लिप-ऑफ कैप और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।
जब्त किए गए स्टॉक को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए नमूने भेजे गए हैं। प्रारंभिक जांच में बिना वैध लाइसेंस दवाओं के निर्माण, भंडारण और वितरण से संबंधित कानून के उल्लंघन के संकेत मिले हैं।
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि नकली दवाएं जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग, हरियाणा एफडीए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पूरे नेटवर्क, दवाओं के स्रोत, वितरण श्रृंखला और फरार आरोपितों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।


















