अनूपपुर, 28 जुलाई।
अनूपपुर जिले के कोतमा नगर पालिका क्षेत्र की पुरानी बस्ती में मंगलवार को एक जर्जर मकान की छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। छत का मलबा नीचे खड़ी कार पर आ गिरा, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के मुताबिक जगदीश तिवारी के मकान की जर्जर छत अचानक ढह गई। हादसे में बाहर खड़ी कार (क्रमांक एमपी 18 सीए 4582) का बोनट और शीशे पूरी तरह टूट गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वाहन मालिक को करीब ₹2 लाख का नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने मलबा हटाकर मार्ग को साफ कराया और सुरक्षा के मद्देनजर छत के बचे हुए खतरनाक हिस्से को भी गिरा दिया, ताकि आगे किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
पहले भी सामने आ चुका है बड़ा हादसा
यह घटना 4 अप्रैल को कोतमा बस स्टैंड स्थित तीन मंजिला होटल के ढहने वाली जगह से करीब 200 कदम की दूरी पर हुई है। उस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भी शहर में जर्जर भवनों और अवैध बहुमंजिला इमारतों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बावजूद नगर पालिका ने 50 से अधिक जर्जर और अवैध बहुमंजिला भवनों को केवल नोटिस जारी किए, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की। शहर में निर्धारित 13 मीटर ऊंचाई सीमा के विपरीत कई स्थानों पर 20 मीटर तक ऊंची पांच से छह मंजिला इमारतें खड़ी हैं, जो लगातार हो रही बारिश के बीच किसी भी समय बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं।
घटना के बाद नगर पालिका की टीम ने आजाद चौक स्थित एक अन्य जर्जर मकान के हिस्से को भी तुड़वाया। वहीं एलआईसी कार्यालय के पास झुकी हुई बाउंड्री का निरीक्षण कर जल्द आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।


















