भोपाल, 30 जुलाई।
मध्य प्रदेश में आदिवासी अधिकारों के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से गठित मध्य प्रदेश आदिवासी अधिकार, संरक्षण एवं सशक्तिकरण समिति की पहली बैठक गुरुवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष और समिति अध्यक्ष उमंग सिंघार ने की। इसमें आदिवासी समाज से जुड़े सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और संवैधानिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आजीविका से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। समिति ने इन मुद्दों का व्यापक अध्ययन कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और प्रदेशभर में आदिवासी समाज के हितों की रक्षा के लिए संगठित प्रयास करने का निर्णय लिया।
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और संवैधानिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समिति प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय से जुड़े विषयों का अध्ययन करेगी और उन्हें सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से उठाकर समाधान के लिए प्रयास करेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि समिति प्रदेशभर से आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों की तथ्यात्मक जानकारी जुटाएगी। इसके साथ ही चरणबद्ध तरीके से जनसंवाद और अध्ययन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और व्यवहारिक रणनीति तैयार की जा सके।
बैठक में समिति के सदस्य विक्रांत भूरिया, बाला बच्चन, ओमकार सिंह मरकाम, फूंदेलाल मार्को, झूमा सोलंकी, संजय उइके, सुनील उइके और डॉ. अशोक मर्सकोले मौजूद रहे।
समिति के सदस्यों ने आदिवासी समाज के अधिकारों के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए समन्वित एवं प्रभावी पहल की आवश्यकता पर जोर देते हुए अपने सुझाव भी दिए।

















