नई दिल्ली, 30 जुलाई।
संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विषयों पर चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष का लगातार हंगामा करना उचित नहीं है।
नड्डा ने विपक्ष की भूमिका को नकारात्मक बताते हुए कहा कि सार्थक बहस के बजाय सदन की कार्यवाही रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्ष सदन को सुचारु रूप से चलाना चाहता है, लेकिन छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब की मांग कर रहा है।
इस मांग के बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इससे सदन में जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही शोर-शराबे के बीच चलती रही। विपक्षी सदस्यों ने सदन में कई अन्य मुद्दे भी उठाए, जिनमें गन्ना किसानों से जुड़े विषय और वन नेशन वन मेट्रो कार्ड की मांग शामिल रही।
















