भोपाल, 29 जुलाई।
मध्य प्रदेश में चल रहा किसानों का आंदोलन सरकार के फैसले के बाद समाप्त हो गया है। राज्य सरकार ने पात्र किसानों से अब मूंग खरीदी का दायरा बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक करने का निर्णय लिया है।
सरकार के फैसले के अनुसार नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में करीब तीन क्विंटल प्रति एकड़ तक मूंग का उपार्जन किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को राहत देते हुए स्लॉट बुकिंग की अवधि 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है और खरीदी की अंतिम तारीख 20 अगस्त कर दी गई है।
मंत्रालय में बुधवार रात सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद किसान अपने घरों के लिए रवाना हो गए। प्रशासन ने बसों के माध्यम से किसानों को उनके वाहनों तक पहुंचाया।
एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि किसानों की सहमति के बाद रोशनपुरा चौराहे से उन्हें बसों के जरिए उनके वाहनों तक पहुंचाया गया। इसके बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सामान्य कर दी गई।
कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गठित मंत्री समूह ने किसान प्रतिनिधियों से चर्चा की। किसानों के हित को देखते हुए सरकार ने मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा और अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग और उपार्जन की तारीखों में भी बदलाव किया है।
कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत इस वर्ष मध्य प्रदेश को ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी के लिए 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था। योजना के नियमों के अनुसार पहले प्रदेश में कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत उपार्जन करने का प्रावधान था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देती है और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है।
खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। समिति व्यवस्था की समीक्षा कर सुधार के सुझाव देगी। तब तक ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण की व्यवस्था स्थगित रहेगी।

















