नई दिल्ली, 30 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण को मानव जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया है। उन्होंने लोगों से प्रकृति के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और सेवा की भावना अपनाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति, पर्यावरण और पूरी सृष्टि के प्रति सम्मान की भावना हमारे अस्तित्व से जुड़ी हुई है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वस्थ, समृद्ध और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से यह विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें आकाश, पृथ्वी, अंतरिक्ष, औषधियों और वनस्पतियों के कल्याणकारी होने की कामना की गई है।
सुभाषित का भावार्थ है कि आकाश और पृथ्वी मानव जीवन के लिए मंगलकारी हों, अंतरिक्ष सुखद और शुभ हो। साथ ही औषधियां, वनस्पतियां और प्रकृति के सभी तत्व मानव कल्याण में सहायक सिद्ध हों।

















