तेहरान, 30 जुलाई।
जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी मध्य कमान ने ईरान के कई इलाकों में हवाई हमले किए।
अमेरिकी कमांड ने पुष्टि की कि जॉर्डन स्थित उसके सैन्य ठिकाने पर ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थीं। हालांकि सभी मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोक लिया गया और हमले को विफल कर दिया गया।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह ईरान की ओर से किया गया पहला सीधा बैलिस्टिक मिसाइल हमला था। अमेरिका ने इससे पहले बातचीत के लिए अपने सैन्य अभियान को कुछ समय के लिए रोक रखा था। हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
इससे पहले अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों के ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई की थी। इस हमले में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस के कम से कम 20 लड़ाकों के मारे जाने की जानकारी दी गई।
सऊदी अरब ने भी दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत में स्थित तेल प्रतिष्ठानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन को नष्ट कर दिया। सऊदी ने इन हमलों के लिए इराक में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों को जिम्मेदार बताया।
अमेरिकी कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में हुई बैठक के बाद शुरू हुई। दोनों नेताओं ने ईरान से जुड़े क्षेत्रीय हालात और रणनीति पर चर्चा की थी।
ईरान में अमेरिकी हमलों के बाद केशम द्वीप, किश, बंदर अब्बास, अबादान और बुशहर सहित कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। केशम द्वीप पर हमले के बाद कई लोगों के मलबे में दबने की जानकारी सामने आई है।
ईरान के दक्षिणी हिस्सों में कई स्थानों पर क्रूज मिसाइलों से हमले किए जाने की बात कही गई है। केशम द्वीप में बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा, जिसके कारण कुछ समय के लिए आपूर्ति बाधित रही।
खुजेस्तान प्रांत के अहवाज शहर में भी कई जगहों पर हमले हुए, जिससे कुछ हिस्सों में बिजली बंद हो गई। शादेगन, अरवंदकेनार और अबादान शहरों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

















