भोपाल, 30 जुलाई।
मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन जैसे तीन प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय हैं। इनके असर से अगले चार दिनों तक खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए उज्जैन और सागर संभाग समेत प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच से अधिक बारिश होने का अनुमान है।
धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम जिलों में अति भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सतना समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
2 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान मौसम प्रणाली का असर 2 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में लगातार तेज बारिश और कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा होने की संभावना है। बुधवार को रतलाम, बालाघाट, पचमढ़ी और भोपाल सहित कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में औसतन 14.1 इंच (359.3 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि तक सामान्य रूप से 16.9 इंच (428.9 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अभी करीब 16 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से प्रदेश में बनी वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

















