Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव
संपादकीय
23 Sep, 2026

गिरफ्तारी में चूक, तो जवाबदेही भी जरूरी

सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी के लिखित आधार न बताने की चूक के कारण रिहा हुए आरोपी को पुलिस मनमाने ढंग से दोबारा गिरफ्तार नहीं कर सकती, और ऐसा करने के लिए न्यायिक अनुमति व विभागीय जांच अनिवार्य होगी।

नई दिल्ली, 23 सितंबर।

पुलिस को अपराध से लड़ने के लिए गिरफ्तारी की शक्ति दी गई है, लेकिन यह शक्ति संविधान से बड़ी नहीं हो सकती। सर्वोच्च न्यायालय का फैसला इसी बुनियादी सच को रेखांकित करता है। न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी के लिखित आधार बताए बिना गिरफ्तार किया गया और इस चूक के कारण उसे रिहा करना पड़ा, तो उसी पुलिस तंत्र को मनमाने ढंग से दोबारा गिरफ्तारी का अधिकार नहीं दिया जा सकता। दोबारा हिरासत जरूरी हो तो न्यायिक अनुमति लेनी होगी और संबंधित अधिकारियों की विभागीय जांच होगी।

संविधान का अनुच्छेद २२(१) गिरफ्तार व्यक्ति को यह जानने का अधिकार देता है कि उसे किन आधारों पर गिरफ्तार किया गया है। यह महज औपचारिकता नहीं, बल्कि मौलिक अधिकार है। गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में और ऐसी भाषा में बताए जाने चाहिए जिसे संबंधित व्यक्ति समझ सके। तभी वह वकील से सलाह लेने, हिरासत का विरोध करने और जमानत के लिए अपना पक्ष रखने की स्थिति में होगा। यही संवैधानिक संतुलन लोकतंत्र की बुनियाद है।

फैसले का महत्वपूर्ण पहलू पुलिस की जवाबदेही है। यदि संवैधानिक उल्लंघन के कारण आरोपी को रिहा किया गया है और जांच एजेंसी फिर उसकी हिरासत चाहती है, तो मामला उसी अधिकारी के विवेक पर नहीं छोड़ा जा सकता। उसे लिखित आधार देने होंगे, पहली बार ऐसा न करने का कारण बताना होगा और मजिस्ट्रेट के सामने दोबारा हिरासत की आवश्यकता स्पष्ट करनी होगी। जांच दूसरे अधिकारी को सौंपने की व्यवस्था इसी जवाबदेही को सुनिश्चित करती है।

फैसले में संतुलन का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। न्यायालय ने आरोपी को स्थायी संरक्षण नहीं दिया है। यदि जांच के लिए हिरासत आवश्यक है तो कानून के अनुसार दोबारा गिरफ्तारी संभव है, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया और न्यायिक निगरानी के साथ। नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा का अर्थ जांच की आवश्यकता को नकारना नहीं है। जांच भी संविधान के दायरे में रहकर हो।

मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा होने के बावजूद अपराध की गंभीरता संवैधानिक सुरक्षा को कम नहीं कर सकती। यही कानून के शासन की परीक्षा है। यदि मौलिक अधिकार कठिन परिस्थितियों में कमजोर पड़ जाएं, तो संविधान में नागरिक स्वतंत्रता की गारंटी का अर्थ ही बदल जाएगा। इसलिए गिरफ्तारी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्यायिक नियंत्रण अनिवार्य हैं।

पुलिस व्यवस्था के लिए इस फैसले में स्पष्ट संदेश है। गिरफ्तारी को सामान्य प्रशासनिक औजार समझने के बजाय संवैधानिक जिम्मेदारी के रूप में देखना होगा। किसी अधिकारी की चूक नागरिक की स्वतंत्रता पर सीधा असर डाल सकती है। इसलिए संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन केवल कागजी कमी नहीं माना जा सकता। विभागीय जांच का निर्देश इसी सोच को संस्थागत रूप देता है और बताता है कि अधिकार के साथ उत्तरदायित्व भी जुड़ा है।

लोकतंत्र में कानून का शासन तभी विश्वसनीय रहता है, जब राज्य की शक्ति भी उसी कानून से बंधी हो जिसकी नागरिक से अपेक्षा की जाती है। सर्वोच्च न्यायालय का संदेश यही है केि अपराध से लड़ना जरूरी है, लेकिन संविधान की कीमत पर नहीं। गिरफ्तारी की शक्ति जितनी बड़ी है, उसकी जवाबदेही भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए।

|
वीडियो फीचर

नशा मुक्त भारत अभियान: युवाओं ने लिया नशे के खिलाफ जागरूकता का संकल्प #saynotodrugs #india


सुचिका तरियाल ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स MMA में भारत को पहला कांस्य पदक #sports #medal #mma

Asian Games 2026 में भारत का डबल धमाका, हिमांशु और रुद्रांक्ष ने जीते सिल्वर-ब्रॉन्ज! 🇮🇳🥈🥉#sports

आगर मालवा: बगलामुखी मंदिर के पास नाले में बही कार, 8 श्रद्धालुओं की मौत

MP के 7400+ टॉपर्स को मिली स्कूटी, CM मोहन यादव ने छात्रों से पूछे उनके सपने

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह 2026 | कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को किया सम्मानित

आज का राशिफल

सुबह-सुबह की महत्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। अल्प-परिश्रम से ही लाभ होगा। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। घरेलू बहुमूल्य वस्तुओं के क्रय का योग है। शुभांक-3-5-7

आज का मौसम

भोपाल

23° / 30°

Light rain or showers

ट्रेंडिंग न्यूज़