एमसीबी, 15 मई।
जिले में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी और अनियमित बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब किसी भी पेट्रोल पंप से ईंधन केवल वाहनों में ही उपलब्ध कराया जाएगा और खुले बर्तनों या जरीकेन में इसकी आपूर्ति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
यह आदेश अपर कलेक्टर अनिल सिदार द्वारा जारी किया गया है, जिसमें सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्ती से नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अवैध आपूर्ति या नियमों की अनदेखी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस, शासकीय वाहनों और सुरक्षा बलों के वाहनों के लिए ईंधन आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए सभी पंपों को पर्याप्त मात्रा में रिजर्व स्टॉक बनाए रखना अनिवार्य किया गया है, ताकि आपात स्थिति में किसी तरह की समस्या उत्पन्न न हो।
इसके साथ ही सभी पेट्रोल पंप संचालकों को अपने दैनिक ईंधन स्टॉक की पूरी जानकारी जिला कार्यालय की खाद्य शाखा को नियमित रूप से भेजनी होगी। यदि किसी भी पंप पर उपलब्ध स्टॉक उसकी औसत दो दिन की बिक्री से कम पाया जाता है, तो इसकी तुरंत सूचना प्रशासन को देना अनिवार्य होगा। साथ ही नए स्टॉक की बुकिंग और आपूर्ति की जानकारी भी लगातार उपलब्ध करानी होगी।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उपलब्धता के तहत 1,91,684 लीटर पेट्रोल, 1,93,700 लीटर डीजल और 1,572 घरेलू गैस सिलेंडर मौजूद हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।
जिला प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की अवैध खरीद-बिक्री, जमाखोरी या किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन पर सख्त नजर रखी जा रही है। ऐसे मामलों में दोषियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 सहित संबंधित कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।














