कर्नाटक, 13 अप्रैल।
रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने सोमवार को कर्नाटक के तुमकूरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की नई हेलीकॉप्टर इकाई में प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर की संरचना संयोजन लाइन का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्वचालित भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति प्रणाली की भी शुरुआत की गई।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सचिव ने नवनिर्मित संयंत्र में प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर की संरचना असेंबली लाइन तथा स्वचालित भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति प्रणाली का शुभारंभ किया। इस मौके पर कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा संयुक्त सचिव (विमानन) सहित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह नया हेलीकॉप्टर परिसर अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड सुविधा के रूप में विकसित किया गया है, जहां हल्के उपयोगी हेलीकॉप्टर और प्रचंड एलसीएच का उत्पादन किया जाएगा। साथ ही यह भविष्य की परियोजनाओं जैसे बहु-भूमिका वाले भारतीय हेलीकॉप्टर और नौसैनिक डेक आधारित बहु-भूमिका हेलीकॉप्टर कार्यक्रमों को भी समर्थन देगा।
सचिव ने कंपनी प्रबंधन के साथ बैठक कर चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की और निर्माण कार्य की प्रगति तथा उत्पादन योजनाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने हल्के उपयोगी हेलीकॉप्टर उत्पादन इकाई, प्रचंड एलसीएच इक्विपिंग हैंगर और स्वचालित भंडारण प्रणाली का भी निरीक्षण किया।
इससे पहले इसी माह सेना प्रमुख ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का दौरा किया था और प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर में उड़ान का अनुभव भी प्राप्त किया था। इस दौरान उन्होंने हेलीकॉप्टर की क्षमता, फुर्ती और मिशन तैयारियों को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
गौरतलब है कि प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर स्वदेशी रूप से विकसित एक उन्नत मंच है, जिसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालन के लिए डिजाइन किया गया है और यह भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
इसके अलावा मार्च माह में सेना प्रमुख ने ओडिशा के गोपालपुर स्थित आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज में एकीकृत वायु रक्षा फायरपावर का अवलोकन किया था। इस दौरान उन्होंने जवानों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और अधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया था।
इस अभ्यास में नेटवर्क आधारित वातावरण में विभिन्न वायु रक्षा हथियार प्रणालियों के समन्वय का प्रदर्शन किया गया, जिससे आधुनिक हवाई खतरों के खिलाफ प्रभावी सुरक्षा क्षमता की पुष्टि हुई।
सेना प्रमुख ने वायु रक्षा कर्मियों की राष्ट्र रक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया था।








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