वडोदरा, 08 मई
गुजरात के वडोदरा में एक शिक्षिका ने श्रद्धा और समर्पण का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हिंदी भाषा में 2000 पन्नों की हस्तलिखित रामायण तैयार की है। यह पूरी रचना उन्होंने करीब 20 महीनों की निरंतर मेहनत और गहरी आस्था के साथ पूर्ण की है।
संगीत विषय में स्नातकोत्तर और पेशे से अंग्रेजी शिक्षिका रेखाबेन ठक्कर कोरोना काल के दौरान टेलीविजन पर प्रसारित रामायण से प्रभावित हुईं। इस दौरान उनकी बचपन की यादें भी ताजा हो गईं और उनके मन में कुछ आध्यात्मिक और विशेष करने का विचार उत्पन्न हुआ, जिसके बाद उन्होंने पूरी रामायण को स्वयं हाथ से लिखने का संकल्प लिया।
वडोदरा के हरणी-वारसिया रिंग रोड क्षेत्र में निवास करने वाली रेखाबेन ने इस कार्य को शुरू करने से पहले वडोदरा सेंट्रल लाइब्रेरी में जाकर रामायण के विभिन्न संस्करणों का गहन अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने लगातार 20 महीनों तक नियमित लेखन करते हुए इस विशाल ग्रंथ को पूरा किया और अपने संकल्प को साकार किया।
रेखाबेन ने बताया कि हिंदी में रामायण का यह हस्तलिखित ग्रंथ पूरा करने के बाद अब वे इसका गुजराती भाषा में अनुवाद भी कर रही हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पवित्र ग्रंथ से जुड़ सकें और इसका लाभ प्राप्त कर सकें।






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