जयपुर, 07 मई।
राजस्थान पुलिस की सीआईडी क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 साल से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी अपराधी दिवेश मौर्य को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी वर्ष 2014 से बांसवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में लूट और अपहरण के मामले में वांछित था और लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध के अनुसार, डीआईजी और एएसपी के सुपरविजन में विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसे अलग-अलग शहरों में सूचना संकलन के लिए भेजा गया। टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी देहरादून में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा है और अपनी पहचान छिपाए हुए है।
तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया, जिसके बाद यह पुष्टि हुई कि आरोपी एक निजी सुरक्षा एजेंसी में कार्यरत है और डीडी स्कूल में गार्ड की ड्यूटी कर रहा है। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान न्यू वसंत विहार निवासी दिवेश मौर्य के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2014 में बांसवाड़ा में एक एलआईसी एजेंट को बीमा के बहाने बुलाकर कार में बिठाया गया था, जहां उसे पिस्तौल दिखाकर अपहरण किया गया और लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था।
घटना के दौरान पीड़ित किसी तरह मौके से भागने में सफल रहा था, जिसके बाद जांच में तीन आरोपियों की पहचान हुई थी, जिनमें दिवेश मौर्य भी शामिल था। तभी से सभी आरोपी फरार चल रहे थे और लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने के कारण आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है और इस मामले में आगे पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी को बांसवाड़ा कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उससे अन्य वारदातों और उसके साथियों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।





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