नई दिल्ली, 10 अप्रैल।
उच्चतम न्यायालय में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ा मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता ने मेंशन करते हुए बताया कि अपीलेट ट्रिब्यूनल में बड़ी संख्या में अपीलें लंबित हैं, जबकि चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को मतदाता सूची को फ्रीज कर दिया है, जिसके चलते सूची में नए नाम शामिल नहीं किए जा सकते और ऐसे लोग आगामी चुनाव में मतदान से वंचित रह सकते हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि इस बार सूची में नाम न जुड़ पाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति भविष्य में मतदान का अधिकार खो देगा। साथ ही अदालत ने आश्वासन दिया कि इस मामले पर 13 अप्रैल को विस्तृत सुनवाई की जाएगी।


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