भोपाल, 07 मई।
मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन कार्य तेजी से जारी है और अब तक 9 लाख 9 हजार किसानों से 53 लाख 40 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि उपार्जन प्रक्रिया सप्ताह में छह दिन सोमवार से शनिवार तक संचालित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया गया है, जबकि देयक जारी करने का समय रात 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। अभी तक 14 लाख 81 हजार किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए हैं।
सरकार ने उपार्जन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उपार्जन अवधि को 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक कर दिया गया है। प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, साथ ही जिलों को आवश्यकतानुसार संख्या बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है। एनआईसी सर्वर की क्षमता में वृद्धि कर उपार्जन की ऑनलाइन निगरानी को मजबूत किया गया है।
मंत्री ने बताया कि किसानों को अब तक 9525.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केंद्रों पर पेयजल, छायादार स्थान और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि तौल प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए बारदाना, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की सफाई के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। साथ ही उपार्जन केंद्रों की सुविधाओं के फोटो भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं।
गेहूं की खरीदी 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार की ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किसानों को किया जा रहा है। उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी की गई है, जिसमें जूट और अन्य बैग्स का उपयोग किया जा रहा है।






.jpg)

.jpg)




