जोधपुर, 12 मई।
एनडीपीएस मामलों की विशेष अदालत ने बारह वर्ष पुराने मादक पदार्थ अफीम रखने और उसकी खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोष सिद्ध पाए गए आरोपी को दो वर्ष के कठोर कारावास के साथ बीस हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई।
मामले की पैरवी के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष अवैध मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की बढ़ती प्रवृत्ति और समाज पर इसके दुष्प्रभाव को रेखांकित करते हुए कठोर दंड की मांग की थी। वहीं बचाव पक्ष की ओर से नरमी बरतने की अपील की गई थी।
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2014 में पुलिस ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक मकान से छिपाकर रखी गई अफीम और उससे जुड़ी बड़ी धनराशि बरामद की थी। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई थी, जिसमें उसने अवैध अफीम की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क का खुलासा किया था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि आरोपी शैक्षणिक संस्थान से जुड़ा हुआ था, जिससे मामले को और गंभीर माना गया। पुलिस ने सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को प्रस्तुत किया, जिनके आधार पर अदालत ने मुख्य आरोपी को दोषी ठहराया। हालांकि सह आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उसे बरी कर दिया गया।








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