भोपाल, 09 अप्रैल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की धुरी है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, सूखा-बाढ़, मृदा की घटती उर्वरता और बाजार की अस्थिरता जैसी चुनौतियां किसानों को नवाचार और तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। योजनाओं के विस्तार और तकनीक के खेतों तक पहुंचाने से किसानों की आय बढ़ रही है। ड्रोन दीदी और कृषि सखियों जैसी पहल के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारी दी जा रही है। कृषि को समाज की जीवन-दृष्टि “कृषिः मूलं जीवनम्” के अनुसार लाभकारी और स्थायी रोजगार का माध्यम बनाने के लिए प्रदेश में पूरे वर्ष 2026 में कृषि उत्सव मनाया जा रहा है।
एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों का डिजिटल डेटा उपलब्ध कराकर उनकी जमीन, फसल और उत्पादन की जानकारी एक क्लिक पर हासिल की जा रही है। मोबाइल और ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से मौसम, बाजार भाव और फसल प्रबंधन की जानकारी भी किसानों तक पहुंचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसंधान और नवाचार से किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती, वैल्यू एडिशन और बेहतर मार्केट लिंकेज के माध्यम से सशक्त बनाया जा रहा है। रसायन मुक्त, जैविक और प्राकृतिक खेती के विस्तार, कृषि अवशेषों का प्रबंधन, मंडियों का आधुनिकीकरण, ऑनलाइन ट्रेडिंग और फूड प्रोसेसिंग से किसानों को लाभ दिलाया जा रहा है।
प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने, डेयरी प्लस कार्यक्रम, सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे, मोटे अनाज उत्पादन, नरवाई प्रबंधन, और कृषि पर्यटन से अतिरिक्त आय सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। पीएम किसान सम्मान निधि, न्यूनतम समर्थन मूल्य, फसल ऋण, फसल बीमा और सौर ऊर्जा योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। फूलों की खेती और “एक जिला-एक उत्पाद” योजना से किसानों की आय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा दिया जा रहा है।








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