नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026।
पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच कतर ने भारत को यह भरोसा दिलाया है कि वह भविष्य में भी एक विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बना रहेगा और आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
कतर के ऊर्जा मंत्री ने दोहा में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री के साथ हुई वार्ता के दौरान यह आश्वासन दिया। इस दौरान दोनों पक्षों ने वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी सहमति व्यक्त की।
केंद्रीय मंत्री की यह कतर यात्रा नौ और दस अप्रैल तक चली, जिसके दौरान उन्होंने संघर्ष की स्थिति के बाद प्रधानमंत्री की ओर से भेजा गया एकजुटता संदेश कतर के नेतृत्व तक पहुंचाया। साथ ही अमीर और वहां के प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं एवं समर्थन का संदेश भी दिया गया।
बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें उच्च स्तरीय संवाद, व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहयोग, सांस्कृतिक संबंध और जनसंपर्क जैसे विषय शामिल रहे।
दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र में शीघ्र शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई तथा भारत और कतर के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही दो सप्ताह के युद्धविराम के निर्णय का स्वागत करते हुए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आ रहे व्यवधानों को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने के लिए निर्बाध नौवहन के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
केंद्रीय मंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक तनावों के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयास कर रहा है। कतर भारत को तरल प्राकृतिक गैस और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जिसकी हिस्सेदारी क्रमशः पैंतालीस प्रतिशत और बीस प्रतिशत है।









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