इंदौर, 29 मई ।
इंदौर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकार वार्ता में दावा किया कि शहर के कई क्षेत्रों से लिए गए पानी के नमूनों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी सामने आई है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस द्वारा इंदौर की सात विधानसभा क्षेत्रों के अलग-अलग वार्डों से पानी के नमूने एकत्र कर परीक्षण कराया गया, जिसमें कई स्थानों पर पेयजल दूषित पाया गया। कुछ इलाकों में सीवरेज मिश्रित पानी की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसके आधार पर उन्होंने पूरे शहर का स्वतंत्र वाटर ऑडिट कराने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तैयार की गई जल परीक्षण रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी को सौंपी जाएगी। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार चाहे तो किसी स्वतंत्र एजेंसी से पुनः जांच कराई जा सकती है।
उन्होंने भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से कथित मौतों का उल्लेख करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रभावित परिवारों को सहायता देने की बात भी कही।
कांग्रेस नेता ने नगर निगम पर जल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कहा कि पाइपलाइन सुधार, जल आपूर्ति व्यवस्था और भूजल संरक्षण के कार्यों की विस्तृत समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने इंदौर में घटते भूजल स्तर, सूखते तालाबों और जल पुनर्भरण कार्यों की प्रभावशीलता पर भी चिंता जताई।
इसके अलावा उन्होंने सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग की। इस अवसर पर कई कांग्रेस नेता और पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।











