लखनऊ, 30 मई ।
प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर जून माह से अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ने जा रहा है, क्योंकि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने ‘फ्यूल एंड पावर परचेस एडजस्टमेंट सरचार्ज’ के तहत बिजली बिलों में 10 प्रतिशत की वृद्धि लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे उपभोक्ताओं को अब अधिक भुगतान करना होगा।
जानकारी के अनुसार बिजली उत्पादन और खरीद लागत में वृद्धि के चलते यह ईंधन अधिभार लागू किया गया है, जिसका सीधा असर राज्य के लाखों उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। आदेश के मुताबिक जून माह से जारी होने वाले बिजली बिलों में यह अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क जोड़ा जाएगा।
गर्मी के मौसम में जब बिजली की खपत स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है, उसी दौरान यह अतिरिक्त भार उपभोक्ताओं के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण साबित होगा। अनुमान है कि इस निर्णय से घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
बिजली विभाग का कहना है कि ईंधन और ऊर्जा खरीद लागत में आए इजाफे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया गया है और यह अतिरिक्त राशि उपभोक्ताओं से ही वसूली जाएगी।











