इंदौर, 01 जून।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार रात इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उज्जैन संभाग के 31 शिक्षकों को सम्मानित किया। मध्य प्रदेश कुश्ती संघ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया गया, जिन्होंने विषम परिस्थितियों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए विद्यार्थियों तक ज्ञान का प्रकाश पहुंचाया है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र और समाज के निर्माण की आधारशिला होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से उन शिक्षकों के समर्पण की सराहना की, जो दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहकर कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए शिक्षा का दायित्व निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई शिक्षक नदी-नालों को पार कर, लंबी दूरी तय कर और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद विद्यार्थियों तक पहुंचते हैं तथा उनके भविष्य को दिशा देने का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शिक्षकों की प्रतिबद्धता और सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि समर्पित शिक्षक नई पीढ़ी के निर्माण के साथ-साथ प्रदेश और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान उन शिक्षकों की कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शिक्षा का दीपक निरंतर जलाए रखा। उपस्थित अतिथियों ने ऐसे शिक्षकों के कार्यों को अनुकरणीय बताते हुए उनके योगदान की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष उमेश ठाकुर, सचिव सुरेंद्र यादव, संजय सिंह ठाकुर, नारायण यादव, स्वामी आनंद जीवन दास, स्वामी हरिनंद स्वामी, रवि सोलंकी, जय सिंह दरबार तथा शिवाप्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सम्मानित शिक्षकों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री और आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।











