भोपाल, 13 अप्रैल
प्रदेश में प्रस्तावित जनगणना को लेकर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। इस महत्वपूर्ण कार्य के संचालन के लिए गृह विभाग को नोडल एजेंसी बनाते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों में नागरिकों से सही जानकारी देना अनिवार्य किया गया है, वहीं महिलाओं की निजता और सम्मान की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जनगणना के दौरान गलत जानकारी देता है, तथ्यों को छिपाता है या कार्य में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को तीन वर्ष तक की सजा और एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह व्यवस्था जनगणना अधिनियम 1948 के तहत लागू रहेगी।
नई गाइडलाइन में महिलाओं की गोपनीयता को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट किया गया है कि कोई भी कर्मचारी किसी महिला से उसका नाम जबरन नहीं पूछ सकेगा। साथ ही महिला को अपने पति या दिवंगत पति का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
जनगणना प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को नाम, पता, शिक्षा, व्यवसाय, रोजगार और स्थानांतरण से जुड़े प्रश्नों के सही और पूर्ण उत्तर देना आवश्यक होगा। अधिकारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने का अधिकार भी प्रदान किया गया है।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि कोई जनगणना कर्मचारी अभद्र व्यवहार करता है, अनुचित प्रश्न पूछता है या गलत जानकारी दर्ज करता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए तीन वर्ष तक की सजा दी जा सकती है।
इस कार्य को सफल बनाने के लिए पुलिस, राजस्व, नगरीय निकाय, पंचायत और शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। जानकारी के अनुसार इस बार जातिगत आधार पर भी जनगणना की तैयारी की जा रही है, जिसके लिए कानून में बदलाव आवश्यक होगा। वर्ष 2011 की जनगणना में केवल अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंधित आंकड़े ही शामिल किए गए थे।
गृह विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करते हुए सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।








.jpg)



