रांची, 10 अप्रैल।
पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड से जुड़े मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने जेल में बंद नक्सली राम मोहन सिंह मुंडा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। वह वर्ष 2016 से न्यायिक हिरासत में बंद है।
यह मामला वर्ष 2008 में तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या से जुड़ा है, जिसमें नक्सलियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इस केस की जांच बाद में एनआईए को सौंपी गई थी। राम मोहन सिंह मुंडा को 8 जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में हैं। नवंबर 2017 में उन्हें मामले में एप्रूवर (गवाह) बनाया गया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी अब गवाह बन चुका है और उसका बयान भी पूरा हो चुका है, जबकि मुकदमा लंबा खिंच रहा है। वहीं एनआईए ने कहा कि कानून के अनुसार एप्रूवर को ट्रायल पूरा होने तक हिरासत में रखना आवश्यक है। इस मामले में पूर्व मंत्री राजा पीटर और नक्सली कुंदन पाहन भी ट्रायल का सामना कर रहे हैं।






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