नालंदा, 02 जुलाई।
जिले के हिलसा अनुमंडल कार्यालय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान सहायक (प्रधान लिपिक) को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान उसके सहयोगी सुनील चौधरी को भी हिरासत में लिया गया। दोनों को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया है।
निगरानी डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि हिलसा निवासी दिलीप नारायण सिंह ने 19 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक मामले के निपटारे के बदले प्रधान सहायक 22 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
सत्यापन के बाद विशेष धावा दल का गठन किया गया। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि लेकर आरोपित के पास भेजा गया। जैसे ही प्रधान सहायक ने 22 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद उसके सहयोगी सुनील चौधरी को भी हिरासत में ले लिया गया।
कार्रवाई के बाद दोनों आरोपितों को आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना ले जाया गया। निगरानी टीम की इस कार्रवाई से अनुमंडल कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और घटना देर तक चर्चा का विषय बनी रही।
इस कार्रवाई में डीएसपी शशिशेखर कुमार, इंस्पेक्टर डी.एल. श्रीवास्तव, आशीष चौबे, राहुल कुमार सहित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
















