हैदराबाद, 02 जुलाई।
तेलंगाना में बढ़ते कर्ज और गुरुकुल आवासीय स्कूलों के टेंडर में कथित अनियमितताओं को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीआरएस के बीच राजनीतिक टकराव गुरुवार को और तेज हो गया। इस दौरान पूर्व मंत्री टी. हरीश राव सहित कई बीआरएस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिसके बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया।
पुलिस ने टी. हरीश राव, वी. श्रीनिवास गौड़ और बीआरएस महासचिव आरएस प्रवीण कुमार समेत कई नेताओं को तेलंगाना भवन के बाहर उस समय हिरासत में लिया, जब वे तेलंगाना शहीद स्मारक (गन पार्क) की ओर जा रहे थे। इससे पहले कांग्रेस के मंत्रियों ने बीआरएस नेताओं को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। एहतियात के तौर पर तेलंगाना भवन, गन पार्क और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। दोनों दलों के समर्थक भी बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रहे।
गिरफ्तारी से पहले मीडिया से बातचीत में टी. हरीश राव ने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक द्वेष का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह गुरुकुल स्कूलों के टेंडर से जुड़ी कथित अनियमितताओं के दस्तावेजी साक्ष्य लेकर बहस में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस नेताओं ने स्वयं बहस की चुनौती दी थी, तो उन्हें वहां पहुंचने से क्यों रोका गया।
हरीश राव ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मंत्री पोन्नम प्रभाकर से मिलने और बातचीत करने का अवसर नहीं दिया। उनका कहना था कि बीआरएस अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य और दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह पूरा विवाद राज्य के कर्ज और गुरुकुल आवासीय स्कूलों के टेंडर में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस मंत्रियों तथा बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव और वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव के बीच जारी बयानबाजी और सार्वजनिक बहस की चुनौती के बाद शुरू हुआ था।
गुरुवार सुबह केटी रामा राव तेलंगाना भवन में मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव का इंतजार करते रहे, वहीं टी. हरीश राव अपने समर्थकों के साथ गन पार्क के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
दूसरी ओर मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव पहले गांधी भवन में आयोजित कांग्रेस कार्यक्रम में शामिल हुए। बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने गन पार्क में बहस की चुनौती स्वीकार कर ली है। उन्होंने केटी रामा राव और टी. हरीश राव दोनों को एक साथ गन पार्क पहुंचने का निमंत्रण देते हुए कहा कि वह दोनों के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
इस बीच मंत्री पोन्नम प्रभाकर, अदलूरी लक्ष्मण कुमार और मोहम्मद अजहरुद्दीन भी गन पार्क पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस नेता बहस से बच रहे हैं। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के चलते प्रस्तावित बहस नहीं हो सकी और दोनों दलों ने एक-दूसरे पर राजनीतिक नाटक करने का आरोप लगाया।
















