नई दिल्ली, 03 जुलाई।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। बताया गया है कि उनका शुगर लेवल घटकर 60 तक पहुंच गया है और ब्लड प्रेशर भी सामान्य स्तर से काफी नीचे दर्ज किया गया है। इसे लेकर समर्थकों में चिंता बढ़ गई है।
सोशल मीडिया अभियान सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने एक्स पर साझा किए गए संदेश में दावा किया कि सोनम वांगचुक का शुगर लेवल 60 तक पहुंच गया है और उनका ब्लड प्रेशर भी सामान्य से काफी कम है। उन्होंने उनकी स्थिति को गंभीर बताया।
इस बीच समर्थकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यदि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। गुरुवार को उनकी पत्नी भी जंतर-मंतर पहुंचीं और उनसे मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। समर्थकों ने इसे एकजुटता का प्रतीक बताते हुए कहा कि अपने साथ हों तो संघर्ष और मजबूत हो जाता है।
प्रदर्शन के दौरान दो युवाओं ने लोगों के लिए एक ओपन लाइब्रेरी शुरू करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने इस दौरान हस्तक्षेप किया। उनका कहना है कि एसीपी अजय शर्मा और उनकी टीम ने छात्रों की ओर से लगाई जा रही लाइब्रेरी हटवा दी। साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह के जीवन से जुड़ी पुस्तकों सहित अन्य किताबों को भी कथित रूप से जमीन पर फेंक दिया गया।
इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों और अन्य लोगों ने नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने एसीपी अजय शर्मा और संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
गौरतलब है कि सीजेपी की ओर से पिछले 13 दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जा रहा है। सोनम वांगचुक पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
















