नई दिल्ली, 02 जुलाई।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे पर भारी बारिश के बाद सड़क धंसने की घटना को लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। मंत्रालय का कहना है कि यह स्थिति स्थानीय स्तर पर वर्षाजल के जमाव और स्थायी जल निकासी व्यवस्था शुरू नहीं हो पाने के कारण बनी।
मंत्रालय के अनुसार एक जुलाई की सुबह नियमित निरीक्षण के दौरान प्रभावित हिस्से की जानकारी मिलते ही तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कर यातायात को सुरक्षित और सुचारु बना दिया गया।
स्पष्टीकरण में कहा गया है कि वर्षाजल की निकासी के लिए बनाए गए बैलेंसिंग कल्वर्ट को स्थानीय निवासियों के विरोध के चलते जोड़ा नहीं जा सका। लोगों द्वारा इसका उपयोग वाहन निकालने के लिए किया जा रहा था। इसी कारण जल निकासी प्रणाली शुरू नहीं हो सकी और लगातार बारिश के दौरान पानी जमा होने से सड़क धंसने की स्थिति बनी।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि स्थायी ढलान सुरक्षा और च्यूट ड्रेन का कार्य भूमि विवाद के कारण अब तक पूरा नहीं हो सका है। संबंधित भूमि मालिकों की अनुमति नहीं मिलने से परियोजना के तहत प्रस्तावित सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए जा सके।
स्थिति से निपटने के लिए एनएचएआई ने लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी अंतरिम समानांतर नाली के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। इसका ढाल इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि वर्षाजल सुरक्षित रूप से निकासी स्थल तक पहुंच सके।
मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं। भूमि विवाद समाप्त होने के बाद स्थायी सुरक्षा और जल निकासी से जुड़े कार्य भी शुरू कर दिए जाएंगे।
















