भोपाल, 08 जुलाई।
संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कला क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए लोक कलाओं से जुड़े सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए।
मंत्रालय में आयोजित बैठक में राज्य मंत्री लोधी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश की स्थिति, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट, अधोसंरचना विकास और विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन स्तर पर लंबित मामलों का जल्द निराकरण किया जाए और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
बैठक में राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में कुल 122 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें संगीत के 48, नृत्य के 30, ललित कला, नाट्य एवं रंगकर्म के 8 तथा अन्य 6 पाठ्यक्रम शामिल हैं।
राज्य मंत्री लोधी ने इन पाठ्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और उनसे जुड़े महाविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों व पाठ्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि दूर-दराज के विद्यार्थियों तक भी इसकी जानकारी पहुंच सके।
बैठक में सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 16 पाठ्यक्रम संचालित हैं। इनमें एमए के 9, एमएससी का 1, एमएफए का 1, डिप्लोमा के 2 और सर्टिफिकेट के 3 पाठ्यक्रम शामिल हैं।
राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में संस्कृति विभाग के संचालक एनपी नामदेव, उपसचिव राजेश गुप्ता, राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्रबुद्धे, सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रामनिवास गुप्ता सहित विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
















