काठमांडू, 08 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित न्यूजीलैंड यात्रा को लेकर वहां रहने वाला भारतीय समुदाय उत्साहित है। प्रवासी भारतीयों का कहना है कि इस दौरे से भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिलेगी और व्यापार, निवेश, शिक्षा तथा जनसंपर्क के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा होने जा रही है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन के बीच दोनों देशों के संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। इसमें व्यापार, वाणिज्य, निवेश, रक्षा, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग जैसे विषय शामिल होंगे। दोनों नेता पिछले दो वर्षों में हुई प्रगति की समीक्षा करने के साथ भविष्य के सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर भी विचार करेंगे।
न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर खुशी जताई है। एक प्रवासी भारतीय ने कहा कि करीब 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा होना गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस यात्रा से विशेष रूप से व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
ऑकलैंड में रहने वाली एक भारतीय मूल की युवती ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से मिलने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारतीय समुदाय के लिए खास अवसर है और इससे शिक्षा, रोजगार तथा आपसी सहयोग के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
प्रवासी भारतीयों ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि एफटीए लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे तथा आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
समुदाय के सदस्यों ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले से ही मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जिन्हें वहां रहने वाला बड़ा भारतीय समुदाय और मजबूत बनाता है। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय जोड़ेगी।
कुछ प्रवासी भारतीयों ने कहा कि यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रशांत क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है। इससे भारत की वैश्विक भूमिका और विकास यात्रा को समझने का अवसर मिलेगा।
















