कीव, 08 जुलाई।
यूक्रेन ने अपनी रक्षा क्षमताओं को विस्तार देते हुए डेनमार्क, एस्टोनिया और नीदरलैंड के साथ तीन महत्वपूर्ण ड्रोन समझौते किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य युद्ध के मैदान में हासिल की गई अपनी ड्रोन विशेषज्ञता को नाटो सहयोगियों के साथ साझा करना है।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फरवरी 2022 में रूस के हमले के समय यूक्रेन के पास इस क्षेत्र में सीमित ज्ञान था, लेकिन आज देश ने एक अत्यंत उन्नत ड्रोन उद्योग विकसित कर लिया है।
ज़ेलेंस्की ने इन समझौतों को आगे बढ़ाने के लिए कई देशों की यात्राएं की हैं। उन्होंने विशेष रूप से मध्य पूर्व के खाड़ी देशों का जिक्र किया, जिन्हें हाल के समय में ईरान के हमलों का सामना करना पड़ा है।
डेनमार्क के साथ हुए समझौते पर उन्होंने कहा कि यह कदम संयुक्त रक्षा उत्पादन, तकनीक के आदान-प्रदान और हथियारों के निर्यात में पारदर्शिता के लिए नए रास्ते खोलेगा। डेनमार्क पहला देश था जिसने यूक्रेन में संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव रखा था।
राष्ट्रपति ने कीव पर हालिया रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद अपनी रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने पर जोर दिया। गौरतलब है कि सोमवार को राजधानी कीव में हुए हमलों में 19 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद से ही यूक्रेन सुरक्षा को लेकर अधिक सक्रिय हो गया है।
















