भोपाल, 08 जुलाई।
मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और विद्यार्थियों को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब राज्य के स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए वैल्यू एडेड कोर्स का चयन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विभाग ने यह पहल की है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक पीजी विद्यार्थी को अपने द्वितीय सेमेस्टर में 2 क्रेडिट का एक वैल्यू एडेड विषय चुनना होगा। इसमें पर्यावरण शिक्षा और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी गई है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए रोजगार एवं उद्यमिता कौशल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, योग, तनाव प्रबंधन और बिजनेस एनालिटिक्स जैसे विषय पाठ्यक्रम में शामिल किए गए हैं। इन विषयों के माध्यम से छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक दक्षता भी मिलेगी।
सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि छात्रों को इन पाठ्यक्रमों के चयन में सही मार्गदर्शन मिले। यह कदम छात्रों को उनके करियर और भविष्य की रोजगारपरक दक्षताओं से जोड़ने के लिए उठाया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव से प्रदेश के युवाओं में नवाचार क्षमता और नैतिक मूल्यों का संचार होगा। इससे वे बदलते समय की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के साथ बेहतर परिणाम भी प्राप्त कर सकेंगे।
















