रायपुर, 8 जुलाई।
छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक 2026 के प्रारूप को स्वीकृति दी गई।
सरकार के अनुसार, इस कानून को लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन जाएगा। विधेयक का उद्देश्य उद्योग लगाने और व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाना है। इसके लागू होने के बाद निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली देरी और जटिलताओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
विधेयक में डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय-पक्ष सत्यापन, जोखिम आधारित निरीक्षण और दोहरे लाइसेंस की व्यवस्था समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से राज्य में कारोबारी माहौल बेहतर होगा और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
राज्य सरकार ने नगर निकायों में फल, सब्जी और डेयरी सहित 43 प्रकार के व्यवसायों को ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया है। इससे छोटे कारोबारियों और उद्योगों को राहत मिलेगी तथा व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया सरल होगी।
छत्तीसगढ़ रजिस्ट्री के तुरंत बाद जमीन का ऑटोमैटिक म्यूटेशन शुरू करने वाला देश का पहला राज्य भी बन गया है। इससे नामांतरण प्रक्रिया में होने वाली 90 से अधिक दिनों की देरी समाप्त हो गई है।
सरकार ने बताया कि वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 डिजिटल पोर्टल के माध्यम से 10 विभागों की 130 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत जरूरी स्वीकृतियां सात से 30 दिनों के भीतर जारी की जा रही हैं।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से छत्तीसगढ़ में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
















