भोपाल, 8 जुलाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर मध्यप्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। यहां मेक इन एमपी के लिए मजबूत इको-सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और उद्योगों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री बुधवार को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लिउगोंग इंडिया कंपनी के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के उद्घाटन समारोह में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया योजना मध्यप्रदेश के लिए एक लक्ष्य की तरह है और निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने सभी जरूरी कदम उठाए हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर को भविष्य की जरूरतों के अनुसार ग्रीन इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल और तकनीकी क्षेत्रों की पूरी औद्योगिक श्रृंखला विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने लिउगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की मौजूदा उत्पादन इकाई के विस्तार के तहत स्थापित नए प्लांट का उद्घाटन किया। कंपनी ने इस परियोजना में 272 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया है। कार्यक्रम में लिउगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड के चेयरमैन झेंग जिन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल घोषणाएं करने वाली नहीं, बल्कि धरातल पर विकास को साकार करने वाली सरकार है। पीथमपुर अब मध्यप्रदेश के साथ पूरे देश का मैन्युफैक्चरिंग गेटवे बन चुका है। उन्होंने कहा कि एक माह में दूसरी बड़ी वैश्विक कंपनी द्वारा नई औद्योगिक इकाई स्थापित करना प्रदेश में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि लिउगोंग की नई इकाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड संकल्प को मध्यप्रदेश से नई गति देगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है।
डॉ. यादव ने बताया कि लिउगोंग दुनिया की प्रमुख हैवी अर्थ मूवर्स कंपनियों में शामिल है। पीथमपुर में नई उत्पादन इकाई शुरू होने के बाद कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3,250 मशीनों से बढ़कर 7,500 मशीनों तक पहुंच जाएगी। इससे 600 प्रत्यक्ष और सहायक उद्योगों व सप्लाई चेन के माध्यम से 5 हजार से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बताया कि नई इकाई शुरू होने के बाद भारतीय उद्योगों से लिए जाने वाले कंपोनेंट्स की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी। इससे प्रदेश के एमएसएमई, इंजीनियरिंग और ऑटो कंपोनेंट उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में मध्यप्रदेश को 76 हजार 862 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 82 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। पिछले छह महीनों में 41 हजार 950 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 166 नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिनसे करीब 50 हजार नए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर ऑटो पार्ट्स उद्योग का प्रमुख केंद्र है। यहां करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और चार से पांच लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर से शुरू हो रही यह नई औद्योगिक इकाई प्रदेश के विकास में नया अध्याय जोड़ेगी।
उन्होंने बताया कि जीआईएस 2025 में मध्यप्रदेश को 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इंग्लैंड, जापान और जर्मनी जैसे देश भी मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर रुचि दिखा रहे हैं।
लिउगोंग कंपनी के ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट ल्यो ग्योबिंग ने कहा कि नया प्लांट स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देगा। उन्होंने बताया कि यह संयंत्र शोध और मशीन निर्माण के क्षेत्र में प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित होगा।
लिउगोंग इंडिया के कंट्री हेड वरुण विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी वर्ष 2009 से भारत में उत्पादन कर रही है और मेक इन इंडिया व आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में सहयोग कर रही है।
कार्यक्रम में धार विधायक नीना विक्रम वर्मा, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कंपनी अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
















