भोपाल, 08 जुलाई।
भोपाल क्राइम ब्रांच ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मां-बेटे द्वारा संचालित गांजा तस्करी गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने 13 किलो 70 ग्राम गांजा बरामद कर मुख्य आरोपी राहुल सौदे उर्फ राहुल कुचबंदिया (23) को गिरफ्तार किया है। वहीं तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दो विधि-विरुद्ध बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की कीमत करीब 2.75 लाख रुपये है। इसके अलावा एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है। मामले में एक अन्य मुख्य आरोपी जयसिंह निवासी मंडी बामौरा फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कुछ लोग बड़ी मात्रा में गांजा लेकर ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की, जहां दो नाबालिग संदिग्ध अवस्था में गांजे से भरे प्लास्टिक बैग के साथ मिले।
पूछताछ में दोनों बालकों ने बताया कि वे अपने रिश्ते के मामा राहुल सौदे के साथ भोपाल आए थे। राहुल ने उन्हें गांजे से भरे बैग देकर ग्राहक तलाशने के लिए भेजा था। पुलिस ने तलाशी के दौरान एक बैग से 7.05 किलो और दूसरे बैग से 6.02 किलो गांजा बरामद किया।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से राहुल सौदे को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ओडिशा से गांजा लाकर भोपाल, मंडी बामौरा और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करता था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी कई बार नाबालिग बच्चों को अपने साथ ले जाकर गांजा लाने, ढुलाई और बिक्री के काम में इस्तेमाल कर चुका है। पुलिस ने इस मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की है।
पुलिस जांच में पता चला कि राहुल की मां भी गांजा तस्करी के मामले में पहले गिरफ्तार होकर जेल जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, मां-बेटे मिलकर संगठित तरीके से गांजा तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे और अवैध कारोबार में नाबालिगों का उपयोग कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब तस्करी नेटवर्क, सप्लाई चेन, आर्थिक लाभ और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।
















