जयपुर, 08 जुलाई।
राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.69 लाख रुपये के इनामी तस्कर सुनील मीणा को मध्यप्रदेश के नीमच जिले के जीरन क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान पुलिस की नारको टॉप-25 सूची में शामिल था और उसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी।
एएनटीएफ ने यह कार्रवाई ऑपरेशन नीलमणि के तहत की। टीम ने करीब आठ महीने तक निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस के अनुसार सुनील मीणा से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य तस्करों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
एएनटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि आरोपी पर राजस्थान के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) की ओर से एक लाख रुपये, पाली पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये, उदयपुर पुलिस की ओर से दो हजार रुपये, मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से 15 हजार रुपये और एनसीबी मध्यप्रदेश की ओर से दो हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार सुनील ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और ईंट-भट्टे पर काम करने लगा था। वर्ष 2014 में एक तस्कर के संपर्क में आने के बाद उसने डोडा चूरा तस्करी शुरू की। शुरुआत में वह तस्करी वाले वाहनों की निगरानी करता था और बाद में खुद का नेटवर्क खड़ा कर मादक पदार्थों की सप्लाई करने लगा।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी कई बड़े तस्कर गिरोहों से जुड़ा रहा। तस्करी के दौरान वह पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कई बार फायरिंग भी कर चुका है। पाली, प्रतापगढ़ और मध्यप्रदेश के जीरन थाना क्षेत्र में पुलिस पर गोली चलाने के मामले भी उसके खिलाफ दर्ज हैं। वर्ष 2020 में देसूरी-चारभुजा क्षेत्र में हुई फायरिंग में एक कांस्टेबल घायल हुआ था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी जंगलों में छिपकर रहता था। वह घर आने से भी बचता था और अपनी पत्नी के माध्यम से जंगल में भोजन व जरूरी सामान मंगवाता था। एएनटीएफ ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के लिए एक जवान को चरवाहे के वेश में भेजा था, जिसके बाद आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया गया।
पुलिस के अनुसार बारिश के दौरान टीम ने आरोपी के घर की घेराबंदी की। तलाशी में सुनील घर के अंदर एक ड्रम के पीछे रजाई ओढ़कर छिपा मिला। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपना नाम दिनेश बताया, लेकिन पूछताछ में उसकी वास्तविक पहचान सामने आ गई।
एएनटीएफ ने इस कार्रवाई में प्रतापगढ़ पुलिस का भी सहयोग लिया। पुलिस के अनुसार सुनील मीणा के खिलाफ राजस्थान, मध्यप्रदेश और एनसीबी में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी सहित 19 से अधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है।
















