भोपाल, 8 जुलाई।
सेफ क्लिक 2.0 अभियान ने प्रदेश में साइबर सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान का रूप ले लिया। मध्यप्रदेश पुलिस के 15 दिवसीय प्रदेशव्यापी अभियान का बुधवार को भोपाल स्थित नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में समापन हुआ। अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 8,600 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक करोड़ से अधिक लोगों तक सीधे पहुंच बनाई गई और डिजिटल माध्यमों तथा सोशल मीडिया के जरिए छह करोड़ से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।
समापन कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराध नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। ऐसे समय में आम लोगों की जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा उपाय है। उन्होंने बताया कि सेफ क्लिक 1.0 अभियान के बेहतर परिणाम सामने आए हैं और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों में कमी आई है। समय पर जानकारी मिलने से पुलिस ने कई मामलों में तेजी से कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत पहुंचाई है।
डीजीपी ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए फर्जी बैंक खातों को बंद कराने, फर्जी सिम कार्ड के खिलाफ कार्रवाई करने और साइबर ठगी की राशि समय रहते सुरक्षित कर पीड़ितों को वापस दिलाने जैसे प्रयास लगातार कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लागू ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था से साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई हो रही है। पहले यह सुविधा एक लाख रुपये या उससे अधिक की ठगी के मामलों में उपलब्ध थी, जिसे बाद में घटाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया, जिससे अधिक पीड़ितों को सहायता मिल सके।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) ए. साईं मनोहर ने कहा कि सेफ क्लिक 2.0 को इस बार अधिक व्यापक स्तर पर संचालित किया गया। इसके चलते यह अभियान लोगों की भागीदारी से जनआंदोलन बन गया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा में सावधानी और बचाव का तरीका सबसे प्रभावी है।
उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ. विनीत कपूर ने बताया कि अभियान के दौरान एआई आधारित साइबर अपराध, वॉइस क्लोनिंग, फिशिंग, क्यूआर कोड फ्रॉड, निवेश से जुड़ी साइबर ठगी और सोशल मीडिया सुरक्षा जैसे विषयों पर संवाद कार्यक्रम हुए। स्कूलों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों, रैलियों और चौपालों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।
अभियान के बेहतर संचालन के लिए भोपाल और इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के साथ डिंडौरी, अलीराजपुर, दतिया और बैतूल जिले के पुलिस अधीक्षकों को सम्मानित किया गया।
















