भोपाल, 08 जुलाई।
मंत्रि-परिषद की बैठक में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में प्रदेश के विकास, अधोसंरचना, डिजिटल सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश में अधोसंरचनात्मक विकास और पुनर्वास कार्यों के लिए 2300 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
मंत्रि-परिषद ने राज्य डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आईटी और डिजास्टर रिकवरी सहित अन्य कार्यों के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत स्टेट डाटा सेंटर 3.0 परियोजना के माध्यम से डिजिटल अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। परियोजना में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टोरेज, नेटवर्क व्यवस्था और डिजास्टर रिकवरी क्षमता का विस्तार किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने के लिए 495 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। योजना के तहत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी।
नगरीय विकास को बढ़ावा देने के लिए नमो हरित नगर योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में नगर वन विकसित किए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ वायु और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूं, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति-2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत उपार्जित खाद्यान्न के व्यवस्थित विक्रय और बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया तय की जाएगी।
पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त 202 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें प्रभावित परिवारों को विशेष पुनर्वास पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी कई निर्णय लिए गए। विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना एवं संचालन को वर्ष 2031 तक जारी रखने के लिए 123 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। एकल नागरिक डाटाबेस से सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ नागरिकों तक अधिक सरल और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 में संशोधन प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की इकाइयों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है।
कमजोर वर्गों को बेहतर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम योजना को जारी रखने हेतु 42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राजपत्रित सेवा भर्ती नियम-2022 के तहत सीधी भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है।
बैठक में स्वामित्व योजना के तहत अभिलेख पंजीयन पर अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क से छूट, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक-2026 और अन्य प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
















