तेहरान, 08 जुलाई।
ईरानी सेना ने बुधवार की सुबह बहरीन स्थित शेख ईसा बेस पर जवाबी हमला किया है। इस कार्रवाई में वहां मौजूद अमेरिकी सेना के ठिकानों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया है।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह हमला 14 सूत्रीय युद्धविराम समझौते के लगातार उल्लंघन के विरोध में है। सेना ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी आक्रामकता का यह जवाब केवल एक शुरुआत है।
इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पुष्टि की है कि उसने बहरीन और कुवैत में दर्जनों अमेरिकी ठिकानों पर प्रहार किया है। इस दौरान एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया गया है।
दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हवाई हमलों के दौरान आईआरजीसी के एक सदस्य मोहम्मद रज़ा खोज़िनी ने शहादत दी है। उसे एक प्रोजेक्टाइल के टुकड़े लगने से अपनी जान गंवानी पड़ी।
सिरिक के बंदरगाहों पर भी दुश्मन के हमले से कई लोगों के घायल होने की खबर है। ईरान का कहना है कि वह अपने सैन्य और नागरिक इलाकों पर होने वाली किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मौजूदा तनाव ऐसे समय में चरम पर है जब अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के लिए अंतिम संस्कार जुलूस निकाले जा रहे हैं। पूरा इलाका इस सैन्य टकराव से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
















