भोपाल, 08 जुलाई।
राजधानी भोपाल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को कमला नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नगर निगम भोपाल सहित अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर कम से कम छह युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी आशु कुमार निवासी कोटरा है। आरोपी खुद को करणी सेना का पूर्व जिला अध्यक्ष बताकर युवाओं का भरोसा जीतता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने नौकरी लगवाने के नाम पर युवाओं से रकम ली और बाद में फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए।
कमला नगर थाना पुलिस के मुताबिक, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे पवन कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आशु कुमार ने उसे नगर निगम भोपाल में एलडीसी पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा देकर करीब तीन लाख रुपये लिए थे। कुछ समय बाद आरोपी ने उसे नियुक्ति पत्र भी दिया।
जब पवन कुमार नियुक्ति पत्र लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों ने दस्तावेज को फर्जी बताया। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य युवाओं को भी अपना शिकार बनाया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में अब तक छह पीड़ित सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी के शिकार लोगों की संख्या और बढ़ सकती है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों का विश्वास हासिल करने के लिए करणी सेना के नाम का इस्तेमाल करता था। हालांकि संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आशु कुमार कभी जिला अध्यक्ष नहीं रहा।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने उन युवाओं से भी संपर्क करने की अपील की है, जिनसे सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने रुपये लिए हैं।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी केवल निर्धारित प्रक्रिया, परीक्षा और मेरिट के आधार पर मिलती है। किसी भी व्यक्ति या एजेंट को पैसे देने से पहले संबंधित विभाग से दस्तावेजों का सत्यापन जरूर करें।
















