भोपाल, 08 जुलाई।
सरदार सरोवर परियोजना को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्य सरकार पर प्रदेश के हितों के साथ समझौता करने का गंभीर इल्जाम लगाया है। उनका दावा है कि सरकार ने मुआवजे के हजारों करोड़ रुपये के दावे को ताक पर रख दिया है।
अजय सिंह के मुताबिक, मध्य प्रदेश को गुजरात से करीब 7,770 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना था, लेकिन सरकार ने इसे छोड़ने के साथ ही राज्य पर 550 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हाल ही में दिल्ली में किए गए समझौते पर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ने से सबसे अधिक नुकसान मध्य प्रदेश को हुआ है। राज्य की लगभग 20 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि और जंगल डूब क्षेत्र में आए हैं, जिससे हजारों किसान और आदिवासी परिवार विस्थापित हुए हैं।
अजय सिंह ने कहा कि विस्थापितों ने अपने घर और जमीन खोने की भारी कीमत चुकाई है। ऐसे में प्रदेश सरकार का यह कदम प्रभावित परिवारों की पीड़ा और राज्य के अधिकारों की घोर अनदेखी है। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ सरकार को घेरा है।
अब कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी करने और समझौते की परिस्थितियों को सार्वजनिक करने की मांग की है। सरकार की ओर से इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
















