जयपुर, 28 जुलाई।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा-2022 में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कर परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली पांच हजार रुपये की इनामी आरोपित कोमल (23) निवासी कुचेरा, नागौर को गिरफ्तार किया है। आरोपित लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए जोधपुर और नागौर में अपने रिश्तेदारों व परिचितों के यहां छिपकर फरार चल रही थी। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में एसओजी थाना जयपुर में 19 अक्टूबर 2024 को प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि कोमल वर्ष 2020 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। 14 मई 2023 को आयोजित ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा के दौरान उसने संगठित नकल गिरोह के सरगना पोरव कालेर और उसके चाचा तुलछाराम कालेर के साथ मिलकर साजिश रची।
जांच के अनुसार परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन और ब्लूटूथ डिवाइस की सहायता से बाहर से उत्तर प्राप्त कर उसने परीक्षा दी और सफल भी हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि नकल कराने के लिए पोरव कालेर और कोमल के बीच 7 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। यह राशि परीक्षा में चयन और नियुक्ति मिलने के बाद दी जानी थी। हालांकि, ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल और धांधली की पुष्टि होने पर राजस्थान लोक सेवा आयोग ने पूरी परीक्षा निरस्त कर दी थी।
गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में अब तक कुल 33 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


















